Thursday, September 18, 2014

Monday, September 1, 2014

IFLA RELINDIAL at Institut Catholique de Paris


I have visited Paris during 24-27 August to participate in IFLA RELINDIAL at Institute Catholique de Paris. I have presented a paper on Digitization work of Jain Heritage in India on 26/08/2014.
From
Vivekanand Jain
Deputy Librarian, Central Library,
Banaras Hindu University







Monday, May 19, 2014

वाराणसी : काशी मेरी शान

वाराणसी : काशी मेरी शान द्वारा: डा. विवेकानंद जैन
 Poem on Varanasi By Dr. Vivekanand Jain

 धर्म ध्यान की नगरी, संस्कृति की खान
 गंगा जी के घाट हैं, बनारस की शान ॥1॥ 

जैनधर्म के पार्श्व सुपार्श्व व चंद्र प्रभू जन्मे गंगा तीर
 श्रेयांसनाथ जी सारनाथ में हर रहे सबकी पीर ॥2॥

कबीर तुलसी रविदास ने लिखा घाटों का गुणग़ान
सभी धर्मों में पूज्य हैं, काशी का पावन गंगा धाम॥3॥

 देव दीपावली, नाथ नथैया, बुढ़्वा मंगलचार
बनारस के घाटों पर मनते हैं सब त्यौहार ॥4॥

 माता शीतला व अन्नपूर्णा देती सबको शुभाशीष
 संकट मोचन, बाबा भोले को नबायें अपना शीश ॥5॥

 सारनाथ में आकर बुद्ध ने किया धर्म चक्र प्रवर्तन
 दिया धर्म का ज्ञान, जिससे विश्व में हुआ परिवर्तन ॥6॥

 तुलसीदास ने लिखी यहीं रामचरितमानस की कुण्डलियां
 बनारस में गूंजी रविदास की बाणी व कबीर की साखियां ॥7॥

 राजा हरिश्चंद्र ने दी, बनारस में सत्य की परीक्षा
 साधुओं ने धुनि रमायी, जय हो भोले की है नगरिया ।।8॥

 दशास्वमेव से अस्सी घाट तक होता जय जय कार
 हरिश्चंद्र, मणिकर्णिका में खुला है मुक्ति का द्वार ॥9॥

 धर्म, सत्य, ज्ञान की नगरी, विश्व में निराली है
तीन लोक से न्यारी, इसीलिये काशी अविनाशी है।।10॥

 देव दीपावली, नाथ नथैया, मनाओ घाटों पर बुढ़्वा मंगलाचार
भाग्य से मिलता काशीवास, जीवन मरण सब हैं यहां के त्यौहार॥11॥

Thursday, May 8, 2014

Chapter in Book of IFLA

Academic libraries and their religious collections: A case study of Banaras Hindu University Library by Vivekanand Jain, G C Kendadamath and Sanjiv Saraf.  IN Libraries Serving Dialogue. Edited by Odile Dupont. Berlin, DE Gruyter. ISBN 978-3-11-031693-3 (IFLA Publications, vol. 163). 





This book contains 12 Chapters based on papers submitted by IFLA RELINDIAL at Singapore.

My article in Library Review (Emerald)

It is now open access from Emerald. for full text click on DOI (Permanent URL): 10.1108/00242531311328159

Friday, February 28, 2014

शिक्षा की नींव School Education System

              शिक्षा की नींव

नींव जिसकी खोखली हो, भवन कैसे खड़ा होगा।
जड़ नहीं मजबूत जिसकी, बृक्ष कैसे बड़ा होगा।
पांच वर्षों तक नहीं जिस छात्र की नहीं कोई परीक्षा
नाम केवल दर्ज हो, उत्तीर्ण होगा पांच कक्षा॥  
आठवीं तक भी यही विधि, शीघ्र करने जा रहे हैं
देश को उत्थान में या गर्त में ले जा रहे हो?
राष्ट्र के ओ कर्ण धारो, ज्ञान में मत धूल झोंको।
आंकड़ों के खेल में मत, छात्र का सर्वस्व फूंको॥

निकल पायेगा भला क्या, कोई वैज्ञानिक सितारा।
करे आविष्कर कुछ भी, लग रहा तुमको इशारा?
निजी बच्चों के लिये तो, आंग्ल माध्यम पाठ्शाला॥
दीन हीन कृषक जनों के बालकों को नृत्य शाला॥
चित्र शाला, गीतशाला से नहीं कुछ काम होगा।
अगर ऐसा ही रहा तो, देश फिर बदनाम होगा।

ज्ञान के इस क्षेत्र में मत कीजिये कुछ ढील ढाल
ठोस होगी नीव तो यह देश बन जाये खुशहाल ॥


 (बाबू लाल जैन सुधेश’: व्यक्तिगत डायरी से साभार, 12/08/2004)

Keywords : School Education System in India

Tuesday, February 18, 2014

AIP Library Workshop at IAS, BHU

Collaborative workshop on Research Support Services in the Agriculture and Life Science Library and e-learning Institute of Agricultural Sciences, Banaras Hindu University 5th and 6th Feb. 2014



(Jointly organized by Banaras Hindu University, USAID, AIP and Cornell University)
Dr. Vivekanad Jain presented a paper on
Role of Cyber Library in Higher Education & Research.

Cyber library is a new concept of round the clock accessibility of online resources in network environment. It started recently in Banaras Hindu University with a dedicated cyber Hall equipped with more than 200 computers. It is expected that it enhanced the use of subscribed e-resources and online journals available through UGC-INFONET, INDEST and ERMED Consortia to BHU. It also improves teaching, learning and research productivity of the university.
It was inaugurated by Dr. Karan Singh, Hon’ble Chancellor of Banaras Hindu University on 3rd March 2013. It is excessively used by the students and researchers of BHU.